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China Deploys Cruise Missiles In South China Sea, Said It Has
Indisputable Sovereignty - दक्षिण चीन सागर में ड्रैगन ने और बढ़ाई अपनी ताकत,
तैनात की क्रूज मिसाइलें
HomeUnlabelledChina Deploys Cruise Missiles In South China Sea, Said It Has
Indisputable Sovereignty - दक्षिण चीन सागर में ड्रैगन ने और बढ़ाई अपनी ताकत,
तैनात की क्रूज मिसाइलें
दक्षिण चीन सागर में एंटी शिप क्रूज मिसाइलें और जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम तैनात करने का चीन ने बृहस्पतिवार को बचाव किया। ये तैनाती सागर की तीन चौकियों पर की गई है। बीजिंग ने कहा कि इस क्षेत्र (दक्षिण चीन सागर) में उसकी निर्विवाद संप्रभुता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, चीन का नान्शा और इसके आसपास के द्वीपों पर निर्विवाद आधिपत्य रहा है। चीन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता के लिए दक्षिण चीन सागर में सक्रिय है।
बीजिंग ने इस क्षेत्र को अपनी निर्विवाद आधिपत्य करार दिया
चुनयिंग से मिसाइलों की तैनाती के संबंध में सवाल पूछा गया था। ज्ञात हो कि नान्शा द्वीप को स्पार्टली के नाम से भी जाना जाता है। इस द्वीप पर वियतनाम और ताइवान पर अपना-अपना दावा करते हैं। मिसाइल की तैनाती की बात कबूल करते हुए हुआ ने कहा कि यह तैनाती सीधे किसी देश के लिए खिलाफ नहीं की गई है। दूसरे पक्षों को इसके बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए। इसे एक तथ्यात्मक तरीके से देखना चाहिए।
इससे पहले अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन ने दक्षिण चीन सागर की तीन चौकियों पर एंटी शिप क्रूज मिसाइलें और जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम तैनात किया गया है। पर इसकी पुष्टि पहली बार चीन की ओर से की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 30 दिन के भीतर इन मिसाइलों को फेयरी क्रास रीफ, मिसचिफ रीफ और सूबी रीफ में पहुंचाया गया है। अमेरिका ने इस पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर में अप्रैल में अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास किया था। इस दौरान बीजिंग ने पहली बार नए विमानवाहक पोत और आधुनिकतम हथियारों की ताकत दिखाई। ज्ञात हो कि इस क्षेत्र में चीन की ओर से बनाए गए कृत्रिम द्वीप के पास से अमेरिका अपने युद्धपोत और विमान गुजार चुका है। इससे दक्षिण चीन सागर में दोनों देश बार-बार एक दूसरे के सामने आ जा रहे हैं।
बीजिंग का पांच देशों से विवाद
ज्ञात हो कि दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर को लेकर चीन का उसका कई पड़ोसी देशों से विवाद चल रहा है। चीन दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर दावा करता है। वहीं इसके उलट वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान इस सागर पर अपना दावा ठोंकते हैं। यह सागर रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। वहीं इसके भीतर काफी खनिज और ऊर्जा है।
दक्षिण चीन सागर में एंटी शिप क्रूज मिसाइलें और जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम तैनात करने का चीन ने बृहस्पतिवार को बचाव किया। ये तैनाती सागर की तीन चौकियों पर की गई है। बीजिंग ने कहा कि इस क्षेत्र (दक्षिण चीन सागर) में उसकी निर्विवाद संप्रभुता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, चीन का नान्शा और इसके आसपास के द्वीपों पर निर्विवाद आधिपत्य रहा है। चीन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता के लिए दक्षिण चीन सागर में सक्रिय है।
बीजिंग ने इस क्षेत्र को अपनी निर्विवाद आधिपत्य करार दिया
चुनयिंग से मिसाइलों की तैनाती के संबंध में सवाल पूछा गया था। ज्ञात हो कि नान्शा द्वीप को स्पार्टली के नाम से भी जाना जाता है। इस द्वीप पर वियतनाम और ताइवान पर अपना-अपना दावा करते हैं। मिसाइल की तैनाती की बात कबूल करते हुए हुआ ने कहा कि यह तैनाती सीधे किसी देश के लिए खिलाफ नहीं की गई है। दूसरे पक्षों को इसके बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए। इसे एक तथ्यात्मक तरीके से देखना चाहिए।
इससे पहले अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन ने दक्षिण चीन सागर की तीन चौकियों पर एंटी शिप क्रूज मिसाइलें और जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम तैनात किया गया है। पर इसकी पुष्टि पहली बार चीन की ओर से की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 30 दिन के भीतर इन मिसाइलों को फेयरी क्रास रीफ, मिसचिफ रीफ और सूबी रीफ में पहुंचाया गया है। अमेरिका ने इस पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
अप्रैल में ड्रैगन ने यहीं किया था युद्धाभ्यास
चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर में अप्रैल में अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास किया था। इस दौरान बीजिंग ने पहली बार नए विमानवाहक पोत और आधुनिकतम हथियारों की ताकत दिखाई। ज्ञात हो कि इस क्षेत्र में चीन की ओर से बनाए गए कृत्रिम द्वीप के पास से अमेरिका अपने युद्धपोत और विमान गुजार चुका है। इससे दक्षिण चीन सागर में दोनों देश बार-बार एक दूसरे के सामने आ जा रहे हैं।
बीजिंग का पांच देशों से विवाद
ज्ञात हो कि दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर को लेकर चीन का उसका कई पड़ोसी देशों से विवाद चल रहा है। चीन दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर दावा करता है। वहीं इसके उलट वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान इस सागर पर अपना दावा ठोंकते हैं। यह सागर रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। वहीं इसके भीतर काफी खनिज और ऊर्जा है।